आगरा 1 सितंबर ।
अपहरण एवं दुराचार के मामले में आरोपित लोकेश पुत्र निहाल सिंह निवासी धर्म पुरा, थाना फरह, जिला मथुरा को पीड़िता की गवाही में गम्भीर विरोधाभास एवं चिकित्सीय परीक्षण में दुराचार के विषय में कोई स्पष्ट राय नहीं दिये जाने के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय परवेज अख्तर ने आरोपी को बरी करने के आदेश दिये।
थाना इरादत नगर में दर्ज मामले के अनुसार वादी मुकदमा ने थाने पर तहरीर दें आरोप लगाया कि, उसकी पुत्री 18 सितम्बर 2014 की सुबह 9 बजें शौच हेतु खेतों की तरफ गई थीं,
वापसी में बाजरे के खेत के पास खड़ी श्रीमती ललिता उर्फ लल्लो पत्नी ब्रह्मचारी निवासनी धिमश्री, उसका दामाद अमरीश, अनूप, आदि स्कॉर्पियो लेकर खड़ें थे, उक्त लोगों के वादी की पुत्री को स्कॉर्पियो में बैठा लें जाने पर वादी की पत्नी ने शोर मचा विरोध किया।
पुलिस नें मुकदमें की विवेचना के उपरांत उनकें विरुद्ध कोई सबूत नहीं पाते हुये उनका नाम मुकदमें से पृथक कर आरोपी लोकेश कें विरुद्ध अपहरण एवं दुराचार आरोप में अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया था ।
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अदालत नें पीड़िता के बयानों में गम्भीर विरोधाभास एवं चिकित्सक द्वारा पीड़िता के परीक्षण में दुराचार के बिषय में कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त करने पर आरोपी के अधिवक्ता हाकिम सिंह फौजदार के तर्क पर आरोपी को सबूत कें अभाव में बरी करने के आदेश दिये।
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