आगरा में एडीजे माननीय मृदुल दुबे संभालेंगे कमान
आगरा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सुनवाई के लिए प्रदेश के 18 जनपदों में ‘विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ की अदालतों का गठन किया है।
शासन के इस निर्णय के बाद उच्च न्यायालय ने इन अदालतों के सुचारू संचालन हेतु न्यायिक अधिकारियों को भी अधिकृत कर दिया है। आगरा में इस विशेष अदालत की जिम्मेदारी एडीजे माननीय मृदुल दुबे को सौंपी गई है।
मेरठ की निर्भरता होगी खत्म, पुलिस को मिलेगी राहत:
उत्तर प्रदेश शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग के अनु सचिव देवेंद्र सिंह चौहान द्वारा जारी सूचना के अनुसार, अब तक आगरा और आसपास के जनपदों के भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की सुनवाई मेरठ स्थित विशेष अदालत में होती थी।
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इसके कारण आरोपियों को रिमांड के लिए मेरठ ले जाना, उनकी जेल निरुद्धि मेरठ कारागार में करना और गवाहों को पेशी के लिए लंबी दूरी तय कर मेरठ भेजना पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत कष्टकारी और संसाधन खपाने वाला कार्य था। अब आगरा में कोर्ट गठित होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मुकदमों के निस्तारण में भी तेजी आएगी।
इन जिलों के मामलों की आगरा में होगी सुनवाई:
आगरा जनपद न्यायालय में पूर्व से तैनात एडीजे माननीय मृदुल दुबे अब नव-गठित विशेष न्यायालय में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमों का निस्तारण करेंगे।
उनकी अदालत में आगरा के अलावा पड़ोसी जिलों— मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दर्ज भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई, रिमांड और जमानत प्रार्थना पत्रों पर विचार किया जाएगा।यह विशेष अदालतें निम्नलिखित श्रेणियों के विरुद्ध दर्ज मामलों का विचारण करेंगी:
* राजनेता
* सरकार के राजपत्रित अधिकारी एवं कर्मी
* पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी
प्रदेश भर में फैलाया अदालतों का जाल:
शासन ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कुल 18 जनपदों में इन अदालतों को मंजूरी दी है:
* पश्चिमी यूपी: आगरा (1), मेरठ (2 अतिरिक्त कोर्ट), सहारनपुर (1), मुरादाबाद (1), अलीगढ़ (1), बरेली (1)।
* मध्य और बुंदेलखंड: लखनऊ (2), कानपुर (1), झांसी (1), बांदा (1)।
* पूर्वी यूपी: वाराणसी (1), गोरखपुर (2), प्रयागराज (1), अयोध्या (1), मिर्जापुर (1), आजमगढ़ (1), बस्ती (1) और गोंडा (1)।
आगरा में प्रथम बार गठित इस विशेष न्यायालय से न्याय प्रक्रिया सुलभ होगी। भ्रष्टाचार के आरोपियों के रिमांड और जमानत से लेकर मुकदमे के अंतिम फैसले तक की अहम जिम्मेदारी अब स्थानीय स्तर पर संपन्न होगी।
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