इंजीनियरिंग छात्रा ने लगाया था बंधक बना दुराचार का आरोप
आगरा 10 सितंबर।
कार में बंधक बना दुराचार के मामले में आरोपित आई .आई .टी. जम्मू में अध्ययनरत छात्र शिवांश सिंह, पुत्र विनोद कुमार सिंह निवासी चोंजा खास, भुड़कुड़ा, तहसील जखनियां, जनपद गाजीपुर की जमानत स्वीकृत कर जिला जज ने जिला कारागार से रिहाई के आदेश दिये।
थाना सिकन्दरा मे दर्ज मामले के अनुसार खंदारी केम्पस में कंप्यूटर साइंस की छात्रा ने अपनें सीनियर रहे आरोपी शिवांश सिंह के विरुद्ध 10 अगस्त 24 को कार में बैठा दुराचार का आरोप लगाया था ।
थाना सिकन्दरा पुलिस नें पीड़ित छात्रा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आई.आई.टी. जम्मू में अध्ययनरत आरोपी को बयान हेतु बुला हिरासत में ले 28 अगस्त 24 को जेल भेजा था। जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता नीरज पाठक द्वारा तर्क दिये गये कि आरोपी निर्दोष हैं।
एफआईआर में घटना का कोई समय अंकित नही हैं। एफआईआर अत्यंत विलम्ब से दर्ज कराई गई हैं, इससे पूर्व वादनी ने 28 जुलाई 24 को थाना हरीपर्वत में भी प्रार्थना पत्र दिया था।
उसमें आरोपी के विरुद्ध छेड़खानी अथवा दुराचार का कोई आरोप नहीं लगाया था। वास्तविकता हैं कि आरोपी आई. टी.आई. खंदारी आगरा में वर्ष 2019-23 तक मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र था।वादनी 2020 से 24 तक उसी कैम्पस में कंप्यूटर साइंस की छात्रा थी।
आरोपी उससे सीनियर था, वह आरोपी पर दोस्ती एवं शादी का दबाब डालती थी। मना करने पर झूँठा मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना की दिनांक वाले दिन आरोपी जम्मू आई.आई. टी. में मौजूद था ।
आरोपी के अधिवक्ता नें इस बाबत जिला जज के सामने अभिलेख भी प्रस्तुत किये जो आरोपी के कथन को सिद्ध करते थे।
पीड़िता ने अपने बयान में भी इस बात को स्वीकार किया कि उसने आरोपी शिवांश को प्रपोज किया था । आरोपी ने मना कर उसे ब्लॉक कर दिया था ।शिवांश ने उसकी कालेज में भी शिकायत की थीं।
जिला जज माननीय विवेक संगल ने आरोपी के अधिवक्ता के तर्क से सहमति दर्शाते हुये आरोपी की जमानत स्वीकृत कर एक-एक लाख की दो जमानत एवं इसी राशि के व्यक्तिगत बंध पत्र पर रिहाई के आदेश दिये।
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