बालिग को जीवनसाथी चुनने और अपनी पसंद से रहने का मौलिक अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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आगरा/प्रयागराज।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण विधिक निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि एक बालिग व्यक्ति को अपने जीवनसाथी का चुनाव करने और अपनी पसंद के स्थान पर रहने का पूर्ण मौलिक अधिकार है।

न्यायालय ने एक बालिग युवती को उसके पसंद के व्यक्ति के साथ रहने की स्वतंत्रता प्रदान करते हुए पुलिस प्रशासन को दोनों को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की पीठ ने मोहम्मद सलीम द्वारा दाखिल हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका संख्या 1418/2026 पर सुनवाई करते हुए पारित किया।

याचिकाकर्ता ने रिमझिम साहू नामक युवती को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने और उसके साथ रहने की अनुमति देने की मांग की थी। याचिका में यह भी तथ्य रखा गया था कि दोनों पूर्व में भी साथ रह रहे थे और सुरक्षा हेतु न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके थे।

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न्यायालय के 23 सितंबर के निर्देश के अनुपालन में पुलिस ने 30 सितंबर को युवती को हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने 19 वर्षीय बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा और याचिकाकर्ता से अलग-अलग बातचीत की।

युवती ने न्यायालय को अवगत कराया कि वह मोहम्मद सलीम के साथ रिश्ते में है, भविष्य में उससे विवाह करना चाहती है और अब अपने माता-पिता के घर के बजाय याचिकाकर्ता के साथ ही रहना चाहती है।

न्यायालय ने प्रक्रिया के तहत युवती के माता-पिता का पक्ष भी सुना। उन्होंने बेटी के विवाह के फैसले पर असहमति तो जताई, परंतु यह तथ्य स्वीकार किया कि उनकी पुत्री बालिग है।

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सभी पक्षों को सुनने के पश्चात, हाईकोर्ट ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) का हवाला देते हुए व्यवस्था दी कि बालिग होने के नाते युवती को अपना जीवनसाथी चुनने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।

न्यायालय ने उसे अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ और इच्छित स्थान पर रहने की स्वतंत्रता प्रदान की। इसके साथ ही राज्य के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दोनों को आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान करें और उन्हें उनके इच्छित स्थान तक सुरक्षित पहुंचाएं।

इस निर्णय में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि दो बालिग अपनी स्वतंत्र इच्छा से साथ रह रहे हैं, तो किसी को भी उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप करने का कोई विधिक अधिकार नहीं है।

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मनीष वर्मा
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