आरोपी ने ही अज्ञात हत्यारे के विरुद्ध दर्ज कराया था मुकदमा
दूसरी औरत पर धन संपत्ति लुटाने से नाराज था आरोपी
आगरा 18 नवंबर ।
पिता की पिस्टल से ही पिता की हत्याएवं सबूत नष्ट करने के मामले में आरोपित योगेंद्र यादव उर्फ सोनू पुत्र स्व. नरायन सिंह निवासी ग्राम हिरनेर, थाना शमशाबाद, जिला आगरा को सबूत के अभाव में अपर जिला जज 10 माननीय काशीनाथ ने बरी करने के आदेश दिये।
थाना शमशाबाद में दर्ज मामले के अनुसार वादी मुकदमा ने थाने पर तहरीर दें, आरोप लगाया कि उसके पिता नरायन सिंह उम्र 60 वर्ष 23 जून 2920 की शाम खाना खाकर घर के बाहर रात 10.30 बजें करीब सोने चले गये थे । वादी एवं अन्य परिजन घर के अंदर सो रहे थे।
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सुबह 4.30 बजे करीब वादी घर के बाहर आया तो उसके पिता जी मृत अवस्था में चारपाई पर पड़े थे। उनके सिर से खून बह रहा था ।
वादी की तहरीर अज्ञात हत्या आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी हुई कि मृतक नरायन सिंह की हत्या उनके पुत्र योगेंद्र यादव उर्फ सोनू वादी मुकदमा द्वारा ही अपने पिता की पिस्टल से ही उन्हें गोली मार की थीं ।
सूचना पर पुलिस नें 24 जून 2020 को आरोपी को हिरासत मे लेकर उसके कब्जे से बेबी यादव पत्नी एन.एस.यादव निवासनी एमपी पुरा थाना ताज गंज का आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक एवं डाक खानें की पास बुक, एक राशन कार्ड जिस पर बेबी यादव के पति की जगह आरोपी के पिता का नाम लिखा था एवं रजिस्ट्री के कागजात आदि बरामद हुये।
गांव वालों ने बताया कि मृतक की एक ही पत्नी हैं उसका नाम श्रीमती मुन्नी देवी हैं । तहकीकात में आरोपी ने बताया कि ये वही पेपर हैं, जिनकी वजह से उसे अपने बाप की हत्या करनी पड़ी । ये औरत उनकी काफी संपत्ति हड़प चुकी हैं । 23 जून की शाम उसके पिता मोबाइल पर किसी महिला से कह रहे थे की उन्होने उसके नाम से प्लॉट खरीद, मकान बनवाया जा रहा हैं ।
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15 लाख के आलू बिकने पर वह पैसे भी वह उसे दे देंगे । जिस पर कुपित होकर उसने पिता की पिस्टल से ही उनकी हत्या कर दी।
पुलिस नें आरोपी की निशान देही पर शंकर पुर की पोखर से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की थीं। अभियोजन की तरफ से उक्त मामलें में 11 गवाह अदालत में पेश किये गये थे।
मृतक के भाई एवं भतीजों द्वारा गवाही से मुकरने पर सबूत के अभाव एवं आरोपी के अधिवक्ता नरेंद्र सिंह परिहार के तर्क पर आरोपी की रिहाई के आदेश दिये।
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