सर्वोच्च अदालत ने ओपन जेलों के बारे में जानकारी न देने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को चेतावनी दी
आगरा /नई दिल्ली 26अगस्त । मानवाधिकार कार्यकर्ता सुहास चकमा द्वारा जेलों में भीड़भाड़, कैदियों के पुनर्वास और कैदियों को कानूनी सहायता के मुद्दों को उठाने वाली याचिकाओं के समूह पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने 20 अगस्त को राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को चार सप्ताह के भीतर ओपन सुधार संस्थानों के कामकाज […]
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