कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला :माता पिता और वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की गई गिफ्ट डीड में ‘भरण-पोषण’ की लिखित शर्त होना अनिवार्य नहीं
आगरा/बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007’ (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007) की धारा 23 की एक उदार और सुरक्षात्मक व्याख्या करते हुए बुजुर्गों के पक्ष में एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी […]
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