आगरा:
उत्तर प्रदेश के आगरा में कानून व्यवस्था और न्यायिक आदेशों की अनदेखी करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने न्यायालय के आदेशों की बार-बार अवहेलना करने और जांच में सहयोग न करने पर सब-इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को दोषी करार देते हुए 7 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला ‘सरकार बनाम मानसी त्यागी’ (मु०अ०सं०-34/2022) से जुड़ा है, जिसमें आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज था।
पीड़ित पक्ष (अखिलेश तिवारी) के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पिछले 3 वर्षों से मामले में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल नहीं किया गया है।
न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार:
* जांच अधिकारी अभिषेक तिवारी को बार-बार नोटिस और सम्मन भेजे गए, लेकिन उन्होंने न तो कोई रिपोर्ट पेश की और न ही कोर्ट में उपस्थित हुए।
* बीती 30 जनवरी 2026 को उन्हें धारा 388 BNSS के तहत नोटिस दिया गया, जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
* टेलीफोन पर संपर्क करने पर सब-इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया कि वे लखनऊ में हैं और उनके पास समय नहीं है।
न्यायालय की तल्ख टिप्पणी
सीजेएम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि सब-इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी द्वारा जानबूझकर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
Also Read – चेक बाउंस मामले में महाराष्ट्र के कारोबारी सुमित खनेजा को आगरा कोर्ट ने किया तलब

कोर्ट ने कहा,
“विगत 3 वर्ष से वादी मुकदमा न्यायालय के चक्कर काट रहा है, परंतु कोई स्पष्ट आख्या प्रस्तुत नहीं की जा रही है।”
मुख्य आदेश के बिंदु:
* दोषसिद्धि: सब-इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को धारा 388 BNSS के तहत अपराध का दोषी पाया गया।
* सजा: उन्हें 7 दिन के साधारण कारावास के लिए जिला कारागार आगरा भेजने का आदेश दिया गया है।
Also Read – 15 वर्षीया किशोरी से दुराचार का मामला: आगरा पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय आरोपी प्रदीप की जमानत अर्जी की खारिज
* गिरफ्तारी के निर्देश: पुलिस आयुक्त (CP) आगरा को निर्देशित किया गया है कि वे अभिषेक तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करें।
* अगली सुनवाई: दण्ड के प्रश्न पर अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को होगी।
* जांच का जिम्मा: पुलिस आयुक्त को आदेश दिया गया है कि इस मामले की जांच किसी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारी से कराकर तत्काल आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा में आगामी 22 फरवरी को आयोजित होगा भव्य ‘मेगा विधिक साक्षरता शिविर’, तैयारियां तेज - February 11, 2026
- न्यायालय की अवमानना पर सख्त रुख: आगरा सीजेएम ने सब-इंस्पेक्टर को सुनाई 7 दिन की जेल की सजा - February 11, 2026
- चेक बाउंस मामले में महाराष्ट्र के कारोबारी सुमित खनेजा को आगरा कोर्ट ने किया तलब - February 11, 2026








1 thought on “न्यायालय की अवमानना पर सख्त रुख: आगरा सीजेएम ने सब-इंस्पेक्टर को सुनाई 7 दिन की जेल की सजा”