मैसर्स कृष्णा गैस एजेंसी को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के आदेश पर आखिरकार 13 वर्ष बाद देना ही पड़ा पीड़ित को प्रतिकर

न्यायालय मुख्य सुर्खियां
वर्ष 1996 में गैस सिलेंडर में रिसाव से वादी की पत्नी एवं मां बुरी तरह जल गई थी
गैस एजेंसी संचालिका ने रिपोर्ट दर्ज ना करने का आग्रह कर क्षतिपूर्ति देने का किया था वायदा
मुकर जाने पर वादी ने किया था मुकदमा
वर्ष 2011 में वादी के पक्ष में आदेश पारित होने पर संचालिका ने राज्य आयोग में कर दी थी अपील

आगरा 17 जनवरी ।

मैसर्स कृष्णा गैस एजेंसी को आखिरकार 13 वर्ष बाद वादी को प्रतिकर देने को बाध्य होना ही पड़ा ,जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार ने वादी को धनराशि का एकाउंटपेयी चैक सौंप राहत प्रदान की।

मामले के अनुसार वादी मुकदमा धर्मेंद्र सिंह तोमर निवासी देव नगर कॉलोनी, आगरा ने मैसर्स कृष्णा गैस एजेंसी की संचालिका श्रीमती कृष्णा राना एवं इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के सीनियर एरिया मैनेजर के विरुद्ध उपभोक्ता आयोग प्रथम में वर्ष 1997 में मुकदमा दायर कर आरोप लगाया कि वह कृष्णा गैस एजेंसी का वर्ष 1982 से उपभोक्ता था।

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2 अक्टूबर 96 की रात्रि सिलेंडर की गैस समाप्त होने पर वादी की पत्नी नें दूसरा सिलेंडर लगाने के लिये जैसे ही उसकी सील खोली तभी तेजी से गैस का रिसाव होने से आग लग गयी। जिससे वादी की पत्नी एवं मां बुरी तरह जल गई।वादी के पिता ने किसी तरह आग बुझा कर पत्नी एवं मां को इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया। गैस एजेंसी संचालिका से शिकायत पर उन्होने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने का आग्रह कर वादी को प्रतिकर दिलाने का वायदा कर उक्त गैस सिलेंडर वापस लें नया सिलेंडर दे दिया ।

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बाद में प्रतिकर के बाबत हाथ खड़े कर दिये।वादी द्वारा उपभोक्ता आयोग में मुकदमा प्रस्तुत करने पर उपभोक्ता आयोग के द्वारा वर्ष 2011 में वादी के पक्ष में आदेश पारित करने पर गैस एजेंसी संचालिका ने उक्त आदेश के विरुद्ध राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील प्रस्तुत कर दी ।

राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा प्रतिकर राशि में कटौती कर शेष राशि वादी को दिलाने के आदेश देनें पर विपक्षी को उक्त धनराशि उपभोक्ता आयोग में जमा करने को विवश होना पड़ा। जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार ने वादी मुकदमा को 58 हजार 800 रु का एकाउंटपेयी चैक सौंप राहत प्रदान की।

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विवेक कुमार जैन
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