SC with UP

क्या अब वकीलों के हाथ में मथुरा के मंदिरों का प्रशासन ? उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी पेशकश

उत्तर प्रदेश राज्य ने अदालत से किया अनुरोध कि वह दीवानी मुकदमों के लंबित रहने के दौरान मंदिरों का प्रबंधन राज्य को सौंप दे आगरा /नई दिल्ली 07 फ़रवरी । एक मामले में सुनवाई के दौरान जहां सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा में विभिन्न मंदिरों के न्यायालय रिसीवर के रूप में वकीलों की नियुक्ति के बारे […]

Continue Reading

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि कई पक्षकार सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, उन्हें वकील की गलती के कारण कष्ट नहीं उठाना चाहिए

आगरा /नई दिल्ली 07 फरवरी । सुप्रीम कोर्ट ने कुमारी साहू बनाम भुबनानंद साहू मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि यद्यपि न्यायालयों को लंबी अवधि के विलंब को क्षमा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन ऐसे मामलों में जहां विलंब वकील के कारण हो सकता है, न्याय के तराजू को संतुलित करना अनिवार्य हो […]

Continue Reading

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर दर्ज आपराधिक मामलों का मांगा डेटा

न्यायालय ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता केवल इस प्रथा के अपराधीकरण को चुनौती दे रहे हैं, न कि इस प्रथा का कर रहे हैं बचाव आगरा /नई दिल्ली 30 जनवरी । सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के लागू होने के बाद से मुस्लिम महिलाओं द्वारा दर्ज मामलों की […]

Continue Reading

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने माना कि लंबित मामले, मुकदमेबाजी की उच्च लागत, झूठ का प्रचलन सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है तीन प्रमुख चुनौतियाँ

आगरा /नई दिल्ली 29 जनवरी । चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना ने लंबित मामलों, मुकदमेबाजी की बढ़ती लागत और वकीलों में ईमानदारी की कमी को वर्तमान समय में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष तीन प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया। सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट के डायमंड जुबली ईयर (75 वर्ष) के समापन के […]

Continue Reading

केंद्र सरकार ने जमानत पर अलग कानून बनाने के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव को ठुकराया; कहा- बीएनएसएस के प्रावधान पर्याप्त

आगरा /नई दिल्ली 28 जनवरी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जमानत पर अलग कानून लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस ) के प्रावधान पर्याप्त हैं। सतेंदर कुमार अंतिल बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो मामले में 2022 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने की प्रक्रिया […]

Continue Reading

सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण मामले में जमानत देने से इंकार करने पर की इलाहाबाद हाईकोर्ट की आलोचना

सर्वोच्च अदालत ने जोर देकर कहा कि जब कथित अपराध हत्या, डकैती, बलात्कार आदि जैसा गंभीर नहीं है तो धर्मांतरण जैसे मामले में जमानत आवेदनों को आदर्श रूप से सुप्रीम कोर्ट तक नहीं जाना चाहिए आगरा /नई दिल्ली 28 जनवरी । सुप्रीम कोर्ट ने अवैध धर्मांतरण के मामले में जमानत देने का साहस न दिखाने […]

Continue Reading

सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए धारा 144 सीआरपीसी के दुरुपयोग को किया चिन्हित

भाजपा नेताओं के खिलाफ दंगा मामले को रद्द करने के उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ झारखंड राज्य की याचिका पर हुई सुनवाई आगरा /नई दिल्ली 27 जनवरी । सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार 27 जनवरी को देश भर में विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्राधिकारियों द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 को […]

Continue Reading

सर्वोच्च न्यायालय की दो सदस्यीय खंडपीठ ने एक आदिवासी ईसाई व्यक्ति को हिंदुओं के लिए निर्धारित गांव के कब्रिस्तान में दफनाने के मामले में दिया विभाजित फैसला

दोनों न्यायाधीशों का मत अलग अलग था लेकिन मृतक कई दिनों से मुर्दाघर में पड़ा था, इसलिए मामले को बड़ी खंडपीठ को भेजने के बजाय अंततः मामले को निपटाने के लिए साझा निर्देश किए पारित आगरा /नई दिल्ली 27 जनवरी । सर्वोच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने सोमवार को अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के एक […]

Continue Reading

आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वामी श्रद्धानंद अपनी दया याचिका पर शीघ्र निर्णय के लिए पहुँचे सुप्रीम कोर्ट

अपनी पत्नी की हत्या के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद लगभग 30 वर्षों से जेल में बंद हैं स्वामी श्रद्धानंद आगरा /नई दिल्ली 26 जनवरी । अपनी पत्नी के हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अस्सी वर्षीय स्वामी श्रद्धानंद उर्फ मुरली मनोहर मिश्रा ने अपनी दया याचिका पर शीघ्र निर्णय […]

Continue Reading

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि पीड़ित की आयु 18 वर्ष से अधिक है तो आईपीसी की धाराएँ 361, 363 लागू नहीं होंगी

धारा 361 आईपीसी वैध संरक्षकता से अपहरण को परिभाषित करती है और 16 वर्ष से कम आयु के पुरुषों और 18 वर्ष से कम आयु की महिलाओं पर होती है लागू गवाह की पहचान में देरी से उठते है विश्वसनीयता के मुद्दे आगरा /नई दिल्ली 25 जनवरी भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने वेंकटेश एवं अन्य […]

Continue Reading