आगरा।
कामाख्या माता मंदिर से जुड़े विवादित परिसर के मामले में लघुवाद न्यायालय (Small Cause Court) में सुनवाई हुई।
‘योगेश्वर श्रीकृष्ण सांस्कृतिक अनुसंधान संस्थान ट्रस्ट’ द्वारा दायर केस संख्या-113/2024 (श्री भगवान श्री कामाख्या माता बनाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड व अन्य) में फिलहाल कानूनी कार्यवाही को आगे के लिए टाल दिया गया है।
मामले के प्रमुख अपडेट:
* सुप्रीम कोर्ट का प्रभाव: वादी अधिवक्ता के अनुसार, पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) से संबंधित मामलों पर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे (स्थगन) के कारण इस केस की सुनवाई प्रभावित हुई है।
* अगली तिथि: न्यायालय ने मामले की गंभीरता और उच्च न्यायालय/उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च 2026 की तिथि नियत की है।
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विपक्षी पक्ष के प्रार्थना पत्र:
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि:
* विपक्षी संख्या-2 (प्रबंधन कमेटी दरगाह सलीम चिश्ती) और विपक्षी संख्या-3 (प्रबंधन कमेटी जामा मस्जिद) द्वारा आदेश 7 नियम 14 CPC के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र अभी भी न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं।
* इन प्रार्थना पत्रों पर विचार के बाद ही वाद की दिशा तय होगी।
विवाद की पृष्ठभूमि:
यह मामला योगेश्वर श्रीकृष्ण सांस्कृतिक अनुसंधान संस्थान ट्रस्ट द्वारा दायर किया गया है, जिसमें संबंधित स्थल पर ऐतिहासिक और धार्मिक दावों को लेकर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड सहित अन्य समितियों को पक्षकार बनाया गया है।
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