आगरा।
फतेहपुर सीकरी से जुड़े विवादित मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। यह मामला आगरा के अतिरिक्त सिविल जज (सी.डि.)-5 न्यायालय में चल रहा है, जिसका केस नंबर 1049/2024 है, और इसमें अजय प्रताप सिंह वादी हैं तथा के.के. मोहम्मद और अन्य प्रतिवादी हैं।
वादी के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि 3 अक्टूबर को फतेहपुर सीकरी के हिंदू शहर होने से संबंधित कई सबूत न्यायालय में पेश किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि फतेहपुर सीकरी मूल रूप से सिकरवार राजाओं द्वारा बसाया गया था।

अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि बाबर ने राणा सांगा के खिलाफ अपना पड़ाव सीकरी झील पर ही डाला था।
इसके अलावा, उन्होंने 1999-2000 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई ) के तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. धर्मवीर शर्मा के नेतृत्व में हुए उत्खनन का भी जिक्र किया, जिसमें सीकरी के बीर छबीली टीले से 1010 ईस्वी की जैन सरस्वती की मूर्ति और हिंदू सभ्यता के कई अन्य प्रमाण मिले थे।
सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश सिकरवार, एस.पी. सिंह सिकरवार, और विपक्षी के.के. मोहम्मद के अधिवक्ता विवेक शर्मा न्यायालय में मौजूद थे।
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