वैष्णो कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी का प्रोप्राइटर हैं आरोपी
आगरा २१ अप्रैल ।
चैक डिसऑनर होने के मामले में आरोपित वैष्णो कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी के प्रोप्राइटर अजय कुमार शर्मा पुत्र कांति प्रसाद शर्मा निवासी श्याम जी पुरम बोदला रोड, सिकन्दरा, जिला आगरा को दोषी पाते हुये विशेष न्यायालय एनआई एक्ट के पीठासीन अधिकारी माननीय सतेंद्र सिंह वीरवांन ने एक वर्ष कैद एवं एक करोड़ पांच लाख चालीस हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया।
मामलें के अनुसार वादी मुकदमा दिलीप तिवारी प्रोप्राइटर देव कंस्ट्रक्शन, निवासी गुड़ हाई मंडी, ताजगंज नें 138 एनआई एक्ट के तहत आरोपी अजय कुमार शर्मा पुत्र कांति प्रसाद शर्मा प्रोप्राइटर वैष्णो कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी निवासी श्याम जी पुरम, बोदला रोड, सिकन्दरा, जिला आगरा के विरुद्ध मुकदमा दायर कर आरोप लगाया कि, अधिशासी अभियंता निर्माण खण्ड, उत्तर प्रदेश जल निगम, कन्नौज द्वारा आरोपी अजय कुमार शर्मा की फर्म वैष्णो कंस्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी को निर्माण कार्य का ठेका दिया गया था ।
आरोपी की फर्म द्वारा उक्त कार्य वादी की फर्म मैसर्स देव कन्स्ट्रक्शन से कराया गया ,परन्तु कोई भुगतान नही देने पर वादी की फर्म ने कार्य बंद कर दिया।
बाद में निर्माण खण्ड जल निगम कन्नौज द्वारा सीधे वादी की फर्म से बकाया कार्य पूरा कराया गया । वादी द्वारा प्रारंभ में कराये कार्य का आरोपी से भुगतान मांगा जिस पर आरोपी ने 11 जुलाई 2018 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की फब्बारा शाखा, हॉस्पिटल रोड का 85 लाख रुपये का चैक दिया।
वादी ने उक्त चेक भुगतान प्राप्ति हेतु अपनी बैंक में प्रस्तुत किया। उक्त चैक डिसऑनर होने पर वादी द्वारा दायर मुकदमे में विशेष न्यायालय एन आई एक्ट के पीठासीन अधिकारी माननीय सतेंद्र सिंह वीरवांन ने आरोपी को एक वर्ष कैद एवं एक करोड़ पांच लाख चालीस हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया।
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