मैसर्स बत्रा हेनले केबल्स ने जम्मू में वाहन खरीदा और उप्र में छूट के लिए दाखिल की थी याचिका
आगरा/प्रयागराज 16 नवंबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जम्मू से इलेक्ट्रिक वाहन खरीद कर उत्तर प्रदेश में चलाने पर रोड टैक्स में छूट की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। याची का कहना था कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सरकार ने टैक्स छूट दी है जो विभेदकारी है।
कोर्ट ने कहा कि राज्य के भीतर वाहन खरीदने पर राज्य को राजस्व प्राप्त होता है। दूसरे राज्य से वाहन खरीदने पर राजस्व का नुकसान होता है। राज्य में वाहन खरीदने पर रोड टैक्स में छूट की शर्त लगाना राज्य की शक्ति में है। इसे अनुचित नहीं कहा जा सकता है।
Also Read – छद्म वादी बनकर देखी जाए न्यायालय व्यवस्था की असलियत :एडवोकेट सरोज यादव

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने मैसर्स बत्रा हेनले केबल्स की याचिका पर यह आदेश दिया।
याची ने जम्मू से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और उत्तर प्रदेश में पंजीकृत कराया है। उसे रोड टैक्स के रूप में एक लाख 91 हजार 9 सौ रुपये भुगतान करना था। जबकि उत्तर प्रदेश की अधिसूचना के तहत जिन लोगों ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं उन्हें रोड टैक्स की छूट दी जा रही है।याची ने रोड टैक्स का भुगतान करने से इन्कार कर दिया।
कहा उसे भी छूट दी जाय। अधिनियम की शर्त को मनमाना विभेदकारी बताया जिसके तहत उत्तर प्रदेश राज्य में ही वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट देने की व्यवस्था है।
Also Read – अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, दुराचार एवं अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज के आदेश
राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता निमाई दास ने दलील दी कि याची को छूट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। छूट देने की शर्तों को राज्य ने अधिनियम में शामिल किया है।
राज्य में वाहन खरीदने पर राज्य को जीएसटी का हिस्सा मिलता है। जबकि राज्य के बाहर से वाहन खरीदने पर राज्य को कोई लाभ नहीं मिलता है। इसलिए लगाई गई शर्त को अवैध नहीं कहा जा सकता।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा “न्याय में देरी, न्याय से इंकार “,100 वर्षीय वृद्ध की उम्रकैद 42 साल बाद रद्द - February 5, 2026
- बरेली हिंसा मामले में आरोपी नाजिम रज़ा खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत - February 4, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से पूछे गंभीर विधिक प्रश्न,संपत्तियों को ध्वस्तीकरण से दी अंतरिम सुरक्षा - February 4, 2026







