इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कई मामलों में ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश ऐसे आरोपियों को दोषी ठहराते हैं जिन्हें बरी किया जाना चाहिए।
ट्रायल कोर्ट के जज हाईकोर्ट की कार्यवाही से बचने के लिए आरोपियों को ठहराते है दोषी।लगता वह ऐसा केवल हाईकोर्ट की कार्रवाई से बचने के लिए करते हैं। आगरा / प्रयागराज 20 सितंबर। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने दहेज हत्या मामले में अलीगढ की सत्र अदालत के 2010 के […]
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