आगरा /नई दिल्ली 13 फरवरी ।
सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी को समाजवादी पार्टी (एसपी ) के नेता मोहम्मद आजम खान, जो रामपुर से उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य हैं और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान, जो स्वार -टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा के पूर्व सदस्य हैं, को चोरी की मशीनरी मामले में जमानत दे दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उन्हें जमानत देने से इंकार करने के 29 जनवरी के आदेश को चुनौती देते हुए उनके द्वारा विशेष अनुमति याचिका दायर की गई।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की खंडपीठ ने तथ्यों और परिस्थितियों तथा कारावास की अवधि को ध्यान में रखते हुए जमानत दी।
आदेश में कहा गया:
“मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, जिसमें अपीलकर्ताओं द्वारा कारावास की अवधि भी शामिल है और यह कि आरोप पत्र पहले ही दायर किया जा चुका है, हम विवादित आदेश रद्द करने और अपीलकर्ताओं को जमानत देने के लिए इच्छुक हैं।”
अपीलकर्ताओं पर लगाई गई किसी भी शर्त के उल्लंघन के मामले में राज्य को जमानत रद्द करने की मांग करने की स्वतंत्रता दी गई।
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हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार करते हुए कहा था:
“तीनों आवेदकों का आपराधिक इतिहास है, जो काफी संख्या में है। आरोपी आवेदक मोहम्मद आजम खान और मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान को संबंधित ट्रायल कोर्ट द्वारा कुछ मामलों में दोषी भी ठहराया जा चुका है। मामला ऐसा है कि इस समय उनकी रिहाई से मुकदमे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि बरामदगी के गवाह यूनिवर्सिटी के अधिकारी और कर्मचारी हैं और वे भी साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। ऐसे में जमानत आवेदन इस स्तर पर खारिज किए जाते हैं।”
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साभार: लाइव लॉ
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