आगरा, 13 सितंबर, 2025
आगरा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर, आगरा भूमि अधिग्रहण अदालत के जिला जज माननीय महेश नौटियाल ने कहा कि लोक अदालत में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों की कमी का मुख्य कारण सरकार का एक पक्ष होना है।
उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि मामलों का जल्द निपटारा हो और पैसा दिया जाए, लेकिन सरकारी अधिकारी इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करते हैं।
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अधिकारियों की लापरवाही और न्यायिक सीमाएं:
मा. नौटियाल के अनुसार, कई बार सरकार द्वारा पैसा देना स्वीकार कर लिए जाने के बावजूद भी अधिकारी भुगतान नहीं करते हैं।
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अदालतें ऐसे मामलों को निपटाने के लिए वसूली प्रमाणपत्र (आरसी ) जारी करती हैं और सख्ती बरतती हैं, फिर भी इसका कोई खास असर नहीं होता। उन्होंने बताया कि इन मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर लोक अदालत में लाया जा सकता है, लेकिन सरकारी अड़चनें इसमें बाधा बनती हैं।
न्यायिक अधिकारी कभी भी इसमें बाधा नहीं डालते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण अदालतों के पास जुर्माना लगाने का कोई अधिकार नहीं है, जिसके कारण पूरा मामला सरकार पर निर्भर करता है।
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