हेड कांस्टेबल को सेवानिवृत्ति के परिलाभों के भुगतान का निर्देश
डीसीपी आगरा ने सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल को 20 अगस्त 24 को बर्खास्त कर दिया कोर्ट की अवमानना होने पर बर्खास्तगी आदेश किया रद्द
आगरा /प्रयागराज 4 सितंबर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा के सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल याची को बर्खास्त करने का आदेश एडिशनल डीसीपी आगरा द्वारा वापस लेने पर नियमानुसार सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
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कोर्ट ने एडिशनल डीसीपी सैयद अली अब्बास जो वर्तमान प्रोटोकॉल, ट्रैफिक और हेडक्वार्टर के पद पर तैनात है को कोर्ट आदेश की अवहेलना करने की सफाई के साथ तलब किया था।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने केशव देव की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजय मौर्य ने बहस की कि याची को 19 मार्च 20 को बर्खास्त कर दिया गया।जिसे चुनौती दी गई । कोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया।
किंतु उसे बहाल नहीं किया गया और वह 31जनवरी 24 को सेवानिवृत्त हो गया। इसके बाद विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर डीसीपी आगरा ने सेवानिवृत्त याची को 20 अगस्त 24 को बर्खास्त कर दिया।
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कोर्ट ने इसे अवमानना माना और कहा कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को बर्खास्त कैसे किया जा सकता है ?
उच्च न्यायालय ने डीसीपी को तलब किया। डीसीपी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया है और सेवा बहाली कर दी गई है।
जिसपर कोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश को रद्द करने की मांग अर्थहीन होने के कारण याचिका निस्तारित कर दी और बिना किसी व्यवधान के सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
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