आगरा:
दीवानी परिसर में नए टेंडर आवंटित न होने के कारण पिछले 20 दिनों से कैंटीन, चाय-कॉफी और अन्य आवश्यक सेवाओं पर ताले लटके हुए हैं।
1 अप्रैल से अभी तक नए टेंडर न होने के कारण न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं और दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को भीषण गर्मी में चाय और पानी तक के लिए भटकना पड़ रहा है।
प्रकरण के अनुसार, उच्च न्यायालय और न्याय प्रशासन की अनुमति से दीवानी परिसर के भीतर कैंटीन, जलपान गृह, फोटो स्टेट और जमानतियों के फोटो खींचने की दुकानें संचालित होती हैं। 31 मार्च को पिछले सत्र के टेंडर द्वारा दिए गए ठेकों की अवधि समाप्त हो गई थी।
आगरा ग्रेटर बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव गिरधारी लाल चौरसिया ने जिला जज को प्रेषित पत्र में अवगत कराया कि आगामी वर्ष के लिए ठेके न उठ पाने के कारण परिसर की समस्त जनसुविधाएं ठप पड़ी हैं।
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जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष इन ठेकों को संचालित करने वाले संचालकों ने संयुक्त रूप से न्याय प्रशासन से आग्रह किया था कि जब तक नए ठेके नहीं उठते, तब तक उन्हें पूर्व की दरों पर ही कार्य जारी रखने की अनुमति दी जाए।
न्याय प्रशासन द्वारा इस प्रस्ताव को मार्गदर्शन हेतु उच्च न्यायालय संदर्भित किया गया था, लेकिन वहां से अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
अनुमति के अभाव में परिसर में ताले लटके होने से न केवल खान-पान की समस्या हो रही है, बल्कि अदालती कार्रवाई के लिए आवश्यक फोटो स्टेट और फोटो की दुकानें बंद होने से कानूनी कार्यों में भी बाधा आ रही है।
आगरा ग्रेटर बार के पूर्व सचिव ने अधिवक्ता और वादकारियों के हित को ध्यान में रखते हुए न्याय प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है।
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