आगरा:
13 मार्च 2018 को अपने मामा छवि मोहन शुक्ला की कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम हत्या करने के दोषी अंकित वाजपेई को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज-7 माननीय पवन कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह घटना आगरा के थाना चित्रा हाट क्षेत्र में हुई थी। मृतक के पिता रमेश चंद शुक्ला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि उनका बेटा छवि मोहन अपने दोस्तों के साथ अपनी पूर्व पत्नी की बेटी के घर से डीप फ्रिज लेने गया था।
देवांशी होटल के पास डीप फ्रिज के पैसों को लेकर अंकित वाजपेई से उसका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि अंकित ने कुल्हाड़ी से छवि मोहन की गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
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पुलिस ने आरोपी अंकित वाजपेई को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद की थी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजकर मामला कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने वादी रमेश चंद शुक्ला और चश्मदीद गवाहों, असतेंद्र नाथ और राजेश कुमार सहित कुल सात गवाहों को पेश किया।
आरोपी अंकित वाजपेई पर 2017 में भी अपने नाना पर हमला करने का आरोप था, क्योंकि वह संपत्ति में हिस्सा मांग रहा था।
एडीजीसी नाहर सिंह तोमर द्वारा पेश किए गए तर्कों और सबूतों के आधार पर, एडीजे-7 ने आरोपी अंकित वाजपेई को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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