कोर्ट ने मांगी सफाई क्यों न उनको प्रशिक्षित करने के लिए राज्य सरकार को संदर्भित किया जाय ?
आगरा/ प्रयागराज 28 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना कारण बताए मनमाने आदेश पारित करने वाले अपर आयुक्त ( प्रशासन) प्रयागराज पुष्पराज सिंह को तीन अक्टूबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर सफाई देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने पूछा है कि उनके द्वारा बार बार बिना कोई कारण बताए अंतरिम राहत देने या राहत देने से इंकार करने के आदेश पारित किए जा रहे हैं।
क्यों न उन्हें न्यायिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान लखनऊ में प्रशिक्षण के लिए प्रकरण राज्य सरकार को संदर्भित किया जाय ?

याचिका की सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अब्दुल कयूम व तीन अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
जिसमें अब्दुल कयूम व अन्य बनाम आशीष कुमार व अन्य अपील पर बिना कारण बताए अंतरिम स्थगनादेश पारित करने से इंकार करने के अपर आयुक्त के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई है।
याची का कहना है कि अपर आयुक्त ने अपील की ग्राह्यता पर बहस सुनी। विचारार्थ स्वीकार कर विपक्षी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। पत्रावली तलब की है। याची की स्थगन अर्जी बिना किसी कारण के निरस्त कर दी है।
जबकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई आदेश बिना कारण बताए पारित न किया जाय। अपर आयुक्त ने लिखा है कि उपलब्ध साक्ष्यों व मौखिक तर्कों से तथ्यों की पुष्टि नहीं होती आदेश स्थगन का औचित्य नहीं है। अर्जी निरस्त की जाती है।
Also Read – पिछले पांच माह में हिट एण्ड रन सड़क हादसों में केवल 6 प्रतिशत लोगों को मिला मुआवजा
कोर्ट ने कहा इन्हीं अधिकारी के केस में पहले भी ऐसा ही मामला शिव संतोष पाण्डेय केस में आया था। उसमें बिना कोई कारण बताए अपूरणीय क्षति संभावित कह कर निषेधाज्ञा जारी की थी।
कोर्ट ने सफाई मांगी थी कि किन परिस्थितियों में बिना कारण बताए आदेश दिया है ?

जबकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश का कारण बताना बाध्यकारी करार दिया है।
कोर्ट ने कहा प्रश्नगत मामला भी उसी तरह का है और अपर आयुक्त से सफाई मांगी है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin- बिना अपमान के इरादे के केवल जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं – इलाहाबाद हाईकोर्ट - August 22, 2026
- राज्यपाल की समय से पहले रिहाई की शक्ति मनमानी नहीं, अदालत की अनुमति के बिना आदेश रद्द - August 18, 2026
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की एपीओ भर्ती-2025 में आरक्षण विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती - August 18, 2026




