आगरा न्यायालय: गुरु राखा गैस एजेंसी से 708 गैस सिलेंडर चोरी के मामले में आरोपी गोदाम इंचार्ज को जमानत

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आगरा।

गुरु राखा गैस एजेंसी के गोदाम से 708 गैस सिलेंडर चोरी होने और बरामदगी के मामले में आगरा की अदालत ने आरोपी गोदाम इंचार्ज की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-5) माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी राहुल सिंह को रिहा करने के आदेश दिए हैं।

थाना एकता में दर्ज मामले के विवरण के अनुसार, वादी लोकेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी राहुल सिंह (निवासी मंडी तिल, फतेहपुर सीकरी, जिला आगरा) उनके गुरु राखा गैस गोदाम का इंचार्ज था।

वादी का आरोप था कि 25 जून 2026 को आरोपी गोदाम पर ताला लगाकर अचानक गायब हो गया। जब वादी ने ताला तोड़कर गोदाम की जांच की, तो वहां से 708 गैस सिलेंडर गायब मिले।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उसके कब्जे से 9 गैस सिलेंडर बरामद करने का दावा किया था।

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जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता राजेश कुमार और अजय चौधरी ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि उनके मुवक्किल को इस मामले में रंजिशन झूठा फंसाया गया है।

बचाव पक्ष ने बताया कि आरोपी गैस गोदाम में 16 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर नौकरी करता था, लेकिन वादी द्वारा उसे पिछले 10 माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया था। जब आरोपी ने अपना बकाया वेतन मांगा, तो इसी विवाद के चलते उसे चोरी के झूठे आरोप में नामजद कर दिया गया।

बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत का ध्यान पुलिस की विवेचना में रही खामियों की ओर भी आकृष्ट किया। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस द्वारा 9 सिलेंडरों की बरामदगी का कोई भी स्वतंत्र गवाह नहीं दर्शाया गया है।

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इसके अतिरिक्त, इतनी बड़ी संख्या में (708) गैस सिलेंडरों की कथित चोरी होने के बावजूद पुलिस ने शेष बरामदगी के लिए अदालत से आरोपी का पुलिस कस्टडी रिमांड तक नहीं मांगा, जो अभियोजन की कहानी पर संदेह उत्पन्न करता है।

पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, पुलिस की कार्यप्रणाली और बचाव पक्ष के तर्कों को दृष्टिगत रखते हुए, एडीजे 5 माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी राहुल सिंह का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

न्यायालय ने आरोपी को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें और समान राशि का व्यक्तिगत बंधपत्र (पर्सनल बॉन्ड) दाखिल करने पर जेल से रिहा करने के आदेश दिए हैं।

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विवेक कुमार जैन
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