आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए जारी निविदा (Tender) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली राजीव प्रकाशन की याचिका को अस्वीकार कर दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि निविदा आवंटित हो चुकी है और कार्य प्रगति पर है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
मामले के मुख्य बिंदु:
* न्यायपीठ: यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने पारित किया।
* निविदा की स्थिति: बोर्ड के अधिवक्ता ने कोर्ट को सूचित किया कि 13 नवंबर 2025 को जारी निविदा सूचना के तहत कार्य आदेश (Work Order) 31 दिसंबर 2025 को ही जारी किया जा चुका है।
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* पुस्तकों की उपलब्धता: वर्तमान में कक्षा 9 और 12 की पुस्तकें बाजार में उपलब्ध हैं और कक्षा 11 की पुस्तकों का प्रकाशन भी अन्य प्रकाशक द्वारा किया जा रहा है।
* याची का तर्क: राजीव प्रकाशन के अधिवक्ता ने दलील दी कि निविदा की शर्तें जानबूझकर ऐसी रखी गईं ताकि योग्य प्रकाशकों को प्रक्रिया से बाहर रखा जा सके।
कोर्ट का निर्णय:
अदालत ने कहा कि चूंकि निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्य आदेश पर अमल शुरू हो गया है, अतः याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।
हालांकि, हाईकोर्ट ने याची को एक बड़ी राहत देते हुए यह स्वतंत्रता दी है कि:
“याची भविष्य में जारी होने वाली किसी भी नई निविदा सूचना की शर्तों को चुनौती दे सकता है।”
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